नव वर्ष

जनवरी मे आगाज होता है
नववर्ष का,
पति-पत्नी के बीच बिगुल
बज जाता है संघर्ष का!
  💁मकर संक्रांति पर पत्नी
तिल का ताड बनाकर
लताडती है,
छब्बीस जनवरी को
पति की छाती पर
अपना झंडा 🎏गाड़ती है!

इसी बीच फरवरी आती है..
महाशिवरात्रि महापर्व
पर👰🏻 पत्नी अपने ब्रत
का असर मांगती है,
पति के सामने ही
भगवान से दूसरा वर
मांगती है!

मार्च मे होली..
💦रंगों की ठिठोली,
तब तो भगवान ही
रखवाला होता है,
पत्नी:evil: लाल पीली..
पति का मुह काला 💂🏽होता है!

अप्रैल मे अप्रैल फूल..
मई मे मजदूर दिवस..
जून मे जून खराब होती है..
जुलाई के सावन भादो खलते है,
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस..
पति के मन में आज़ाद
होंने के अरमान पलते हैं!

सितम्बर में गणपति
बप्पा मोरया..
गण के साथ पति लगा है,
इसलिए बिसर्जन हो रिया!

अक्टूबर में डांडिया
का नजारा सीधा सट्ट है,
पति पत्नी नाच रहे हैं 👫
दोनों के हाथ में लट्ठ है!
लट्ठ की दहशत कुछ
करने नहीं देती है,
पत्नी जीने नहीं देती है..
करवाचौथ मरने नहीं देती है!

नवम्बर में बीवी बच्चे
और बाजार मिलकर
लूटते हैं,
🎉दीपावली के सारे पटाखे
पति की खोपड़ी पर फूटते है!

अंत में दिसंबर..
बेटा कुछ कर!
पति क्रिसमस पर
चर्च में जा कर माथा
टेकता है,
वहां भी ईसा मसीह को
सूली पे टंगा देखता है!
ईसा ईश्वर
पति परमेश्वर..
दोनों की एक ही गति
एक ही नियति..
समझ जाता है पति!!
सारे गम भूल जाता है..
फिर से हैप्पी न्यू इअर के
झूले में झूल जाता है!

ये भारतीय पति पत्नी के
प्यार का बवंडर है!
हर वर्ष का
शाश्वत दाम्पत्य कलेंडर है!!
😄😄😄😄😄😄😄😄😄

Happy new year

Posted from Keshumali

पति और पत्नी

एक युवती बगीचे में बहुत गुस्से में बैठी थी पास ही एक बुजुर्ग बैठे थे
उन्होने उस परेशान युवती से पूछा :- क्या हुआ बेटी क्यूं इतना परेशान हो
युवती ने गुस्से में अपने पति की गल्तीयों के बारे में बताया
बुजुर्ग ने मंद मंद मुस्कराते हुए युवती से पूछा बेटी क्या तुम बता सकती हो तुम्हारे घर का नौकर कौन है ?
युवती ने हैरानी से पूछा :- क्या मतलब ?
बुजुर्ग ने कहा :- तुम्हारे घर की सारी जरूरतों का ध्यान रख कर उनको पूरा कौन करता है?
युवती :- मेरे पति
बुजुर्ग ने पूछा :- तुम्हारे खाने पीने की और पहनने ओढ़ने की जरूरतों को कौन पूरा करता है?
युवती :- मेरे पति
बुजुर्ग :- तुम्हें और बच्चों को किसी बात की कमी ना हो और तुम सबका भविष्य सुरक्षित रहे इसके लिए
हमेशा चिंतित कौन रहता है?
युवती :- मेरे पति
बुजुर्ग ने फिर पूछा :- सुबह से शाम तक कुछ रुपयों के लिए बाहर वालों की और अपने अधिकारियों की खरी
खोटी हमेशा कौन सुनता है ?
युवती :- मेरे पति
बुजुर्ग :- परेशानी ऒर गम में कॊन साथ देता है ,
युवती :- मेरे पति 
बुजुर्ग :- तुम लोगोँ के अच्छे जीवन और रहन सहन के लिए दूरदराज जाकर, सारे सगे संबंधियों को यहां तक
की अपने माँ बाप को भी छोड़कर जंगलों में भी नौकरी करने को कौन तैयार होता है ?
युवती :- मेरे पति
बुजुर्ग :- घर के गैस बिजली पानी, मकान, मरम्मत एवं रखरखाव, सुख सुविधाओं, दवाईयों, किराना, मनोरंजन
भविष्य के लिए बचत, बैंक, बीमा, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, पास पड़ोस, ऑफिस और ऐसी ही ना जाने कितनी
सारी जिम्मेदारियों को एक साथ लेकर कौन चलता है ?
युवती :- मेरे पति
बुजुर्ग :- बीमारी में तुम्हारा ध्यान ऒर सेवा कॊन करता है
युवती :- मेरे पति
बुजुर्ग बोले :- एक बात ऒर बताओ तुम्हारे पति इतना काम ऒर सबका ध्यान रखते है क्या कभी उसने तुमसे इस बात के पैसे लिए ?
युवती :- कभी नहीं
इस बात पर बुजुर्ग बोले कि पति की एक कमी तुम्हें नजर आ गई मगर उसकी इतनी सारी खुबियां तुम्हें कभी नजर नही आई ?

आखिर पत्नी के लिए पति क्यों जरूरी है??
मानो न मानो
.
.
जब तुम दुःखी हो तो वो तुम्हे कभी अकेला नहीं छोड़ेगा। वो अपने दुःख अपने
ही मन में रखता है लेकिन तुम्हें नहीं बताता ताकि तुम दुखी ना हो।
.
.
.
हर वक्त, हर दिन तुम्हे कुछ अच्छी बातें सिखाने की कोशिश करता रहता है ताकि
वो कुछ समय शान्ति के साथ घर पर व्यतीत कर सके और दिन भर की परेशानियों
को भुला सके।
.
.
हर छोटी छोटी बात पर तुमसे झगड़ा तो कर सकता है, तुम्हें दो बातें बोल भी लेगा
परंतु किसी और को तुम्हारे लिए कभी कुछ नहीं बोलने देगा।
.
.
तुम्हें आर्थिक मजबूती देगा और तुम्हारा भविष्य भी सुरक्षित करेगा।
.
.
.
कुछ भी अच्छा ना हो फिर भी तुम्हें यही कहेगा- चिन्ता मत करो, सब ठीक हो जाएगा।। माँ बाप
के बाद तुम्हारा पूरा ध्यान रखना और तुम्हे हर प्रकार की सुविधा और सुरक्षा देने का काम करेगा।
.
.
.
तुम्हें समय का पाबंद बनाएगा।
.
.
.
तुम्हे चिंता ना हो इसलिए दिन भर परेशानियों में घिरे होने पर भी तुम्हारे 15 बार
फ़ोन करने पर भी सुनेगा और हर समस्या का समाधान करेगा।
..
..
चूंकि पति ईश्वर का दिया एक स्पेशल उपहार है, इसलिए उसकी उपयोगिता जानो॥

Posted from Keshumali

अकेलापन और एकांत

अकेलापन इस संसार में सबसे बड़ी सज़ा है और एकांत इस संसार में सबसे बड़ा वरदान। ये दो समानार्थी दिखने वाले शब्दों के अर्थ में आकाश पाताल का अंतर है। अकेलेपन में छटपटाहट है तो एकांत में आराम है। अकेलेपन में घबराहट है तो एकांत में शांति। जब तक हमारी नज़र बाहर की ओर है तब तक हम अकेलापन महसूस करते हैं और जैसे ही नज़र भीतर की ओर मुड़ी तो एकांत अनुभव होने लगता है। ये जीवन और कुछ नहीं वस्तुतः अकेलेपन से एकांत की ओर एक यात्रा ही है। ऐसी यात्रा जिसमें रास्ता भी हम हैं, राही भी हम हैं और मंज़िल भी हम ही हैं।

Posted from Keshumali

राम राम शब्द में छिपा गुढियारी रहस्य

image

क्या कभी सोचा है कि बहुत से लोग जब एक दूसरे से मिलते हैं तो आपस में एक दूसरे को दो बार ही “राम राम” क्यों बोलते हैं ? एक बार या तीन बार क्यों नही बोलते ? दो बार “राम राम” बोलने के पीछे बड़ा गूढ़ रहस्य है क्योंकि यह आदि काल से ही चला आ रहा है.हिन्दी की शब्दावली में ‘र’ सत्ताइस्व्वां शब्द है, ‘आ’ की मात्रा दूसरा और ‘म’ पच्चीसवां शब्द है. अब तीनो अंको का योग करें तो 27 + 2 + 25 = 54, अर्थात एक “राम” का योग 54 हुआ. इसी प्रकार दो “राम राम” का कुल योग 108 होगा।  हम जब कोई जाप करते हैं तो 108 मनके की माला गिनकर करते हैं।

सिर्फ ‘राम राम’ कह देने से ही पूरी माला का जाप हो जाता है।
जय श्री राम

Posted from Keshumali

सकारात्मक सोच का एक उदाहरण यह भी

एक बार तीन काले कुत्ते थे
और पड़ोस मै शादी हो रही थी
ओर तीनों ने सलाह बनाई
एक-एक करके जिमने चाला
एक कुता गयो ऊसके 1 लठ
पड़ीयो वो उन दो कुत्तों के पास गयो तो उन्होंने कहा खा आयो?
उस कुते ने कहा खा अायो

दुसरा कुता बोला अब मेरी बारी वो गया उसके दो लठ मारे बोले तु फेर आगयो । विके 2 लद पड़ीया कुत्तो जान बचा के उनके पास पहुच गयो । तो उन्होंने कहा खा आयो  ? वो बोला हा खा आयाे
तीसरा कुता बोला अब मेरी
बारी । वो गया तो शादी वाला  बोल्या   फेर आ गया् कुत्ताे।  तो गेट
बंद कर के कई लठ मारे । कुता
अपना पिछा छुटा के भागाे
और उन कुतो के पास गया । और वो कुते बोले खा आयाे ?
वो कुत्तो बोल्यो यार मने तो आवा ही नी देरीया जबरदस्ती आयो।

Posted from Keshumali

दिशाहीन समाज को नई राह दिखाती एक कविता

                 बेटो बोल्यौ,
                    “पिताजी”
       मैं लव मेरीज करूंला ।
      नीतर बैरे बावड़ी पड़ूला ।
    पिताजी जमाने नै देख नै डर गिया ।
    यूं लागौ जाणै जीवता ई मर गिया ।
    पिताजी बेटे नै समझावता बोल्या,
      बेटा लव मेरीज में कांई पड़ियौ है?
     ब्याव री मौज थूं ले नी सके।
    शादी रा कार्ड कीनी दे नी सके
    नानैरा वाला मायरौ भर नी सके।
    मेहमानों रौ स्वागत थूं कर नी सके।
                  “और बेटा”
    जो लड़की उण रै मॉ बाप रै,
    ईज्जत रा कांकरां कर सके।
   वा लड़की कदैई थारा माथा में,
        जूता भी धर सके।
    इण वास्ते बेटा ऐक ई कायदो है के।
  समाज री लड़की लावण में ई फायदो है।

Posted from Keshumali

एक रुपए की कीमत पहले और अब

image

पहले एक रुपए में अनाज मिल जाता था इसलिए सिक्के के ऊपर अनाज का चित्र होता था
अब एक रुपए में कुछ भी नहीं मिलता है इसलिए सिक्के के ऊपर ठेंगा दिखता है.

Posted from Keshumali

है ना कमाल दोस्तों

आँखे तालाब नहीं, फिर भी, भर
आती है!
  दुश्मनी बीज नही, फिर भी, बोयी जाती है!
   होठ कपड़ा नही, फिर
भी, सिल जाते है!
   किस्मत सखी नहीं, फिर भी, रुठ जाती है!
  बुद्वि लोहा नही, फिर भी, जंग लग  जाती
है!
   आत्मसम्मान शरीर नहीं, फिर भी, घायल हो जाता है! और,
  इन्सान मौसम नही, फिर भी, बदल जाता है!…..

Posted from Keshumali